मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. डेमोक्रेट्स ने संसद के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट पर कब्जा कर लिया है. इस हार का सबसे बड़ा असर दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क पर पड़ सकता है. मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को जिताने के लिए 44.5 करोड़ डॉलर (करीब 4,000 करोड़ रुपये) से ज्यादा खर्च किए, लेकिन उनके समर्थन वाले ज्यादातर उम्मीदवार चुनाव हार गए. अब मस्क के सामने सिर्फ चुनाव में लगाए पैसे डूबने का खतरा नहीं है. डेमोक्रेट्स कांग्रेस में बहुमत मिलने के बाद उनकी कंपनियों को मिले सरकारी ठेकों, ट्रंप प्रशासन में उनकी भूमिका और सरकारी कामकाज में उनके दखल की जांच कर सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क की कंपनियों को सरकारी ठेकों के जरिए अरबों डॉलर मिले हैं. ऐसे में हार के बाद उनकी कारोबारी और राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं.1. मस्क ने चुनाव में 445 मिलियन डॉलर से ज्यादा लगाएNPR के मुताबिक, अमेरिकी चुनाव आयोग (FEC) में जमा दस्तावेजों और चुनावी खर्च पर नजर रखने वाली संस्था OpenSecrets के एनालिलिस के अनुसार, मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों, राजनीतिक संगठनों और सुपर PAC को 44.5 करोड़ डॉलर से ज्यादा दिए. यह उन्हें 2026 मिडटर्म चुनाव का सबसे बड़ा व्यक्तिगत दानदाता बनाता है. मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए रिपब्लिकन उम्मीदवारों का प्रचार भी किया. उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के खिलाफ पोस्ट लिखीं और अपने 24 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स से रिपब्लिकन को वोट देने की अपील की.
2. टेक्सास में 200 मिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च, फिर भी हार
मस्क के लिए सबसे बड़ा झटका टेक्सास में लगा. यह राज्य उनके कारोबारी साम्राज्य का अहम केंद्र है. टेस्ला, स्पेसएक्स और X समेत उनकी कई कंपनियों का मुख्यालय या प्रमुख कारोबारी ठिकाना यहीं है. मस्क ने टेक्सास में 20 करोड़ डॉलर से ज्यादा खर्च किए. उन्होंने सीनेट चुनाव में केन पैक्सटन का समर्थन किया, जबकि उनके मुकाबले डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको मैदान में थे. लेकिन टालारिको ने पैक्सटन को हरा दिया.
3. DOGE में मस्क की भूमिका की जांच क्यों होगी?
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में मस्क को DOGE (डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिसिएंसी की जिम्मेदारी मिली थी. इस विभाग का मकसद सरकारी खर्च कम करना और विभागों में कर्मचारियों की संख्या घटाना था. मस्क ने चार महीने तक इसका नेतृत्व किया. इस दौरान सरकारी कर्मचारियों की छंटनी, विभागों में बजट कटौती और सरकारी सेवाओं को लेकर विवाद हुआ. अब डेमोक्रेट्स जानना चाहते हैं कि क्या मस्क ने सरकार में अपने प्रभाव का इस्तेमाल अपनी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया? मस्क के DOGE का नेतृत्व करने के चार महीनों के दौरान उनकी कंपनियों को कम से कम 6.3 अरब डॉलर के सरकारी ठेके मिले. इसके बाद उन्हें कम से कम 10 अरब डॉलर के और सरकारी ठेके मिले.
4. रूस से संबंध और यूक्रेन में स्टारलिंक का इस्तेमाल भी जांच के दायरे में
डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस कून्स ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मस्क के कथित संपर्कों को लेकर सवाल उठाने की बात कही है. उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर मस्क को संसदीय जांच में बुलाया जा सकता है. वहीं, सांसद माइक लेविन ने यूक्रेन में मस्क की कंपनी स्टारलिंक की भूमिका पर सवाल उठाए. मस्क ने यूक्रेन की सेना के स्टारलिंक इस्तेमाल पर कुछ पाबंदियां लगाई थीं. डेमोक्रेट्स जानना चाहते हैं कि एक निजी कारोबारी को किसी अमेरिकी सहयोगी देश के सैन्य संचार पर इतना प्रभाव कैसे मिला और इसके लिए जवाबदेही क्यों नहीं तय हुई.
5. सरकारी पद पर रहते हुए कारोबारी हितों का फायदा उठाना अपराध हो सकता है?
जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन के पूर्व व्हाइट हाउस एथिक्स वकील रिचर्ड पेंटर के मुताबिक, DOGE में काम करते समय मस्क पार्ट-टाइम विशेष सरकारी कर्मचारी थे. ऐसे कर्मचारियों पर संघीय कानून लागू होता है, जो उन्हें अपने निजी आर्थिक हितों से जुड़े सरकारी फैसलों में शामिल होने से रोकता है. पेंटर का कहना है कि स्पेसएक्स को NASA और रक्षा विभाग से बड़े सरकारी ठेके मिलते हैं. अगर मस्क ने ऐसे किसी सरकारी फैसले में हिस्सा लिया, जिसके असर के बारे में उन्हें जानकारी थी और जिससे उनकी कंपनी को फायदा हो सकता था, तो यह कानून का उल्लंघन हो सकता है.
6. मस्क के कारोबार पर भी पड़ सकता है असर
राजनीतिक बदलाव का असर मस्क की कंपनियों पर भी पड़ सकता है. टेस्ला और स्पेसएक्स को सरकारी ठेकों, सब्सिडी और नियामक मंजूरियों की जरूरत पड़ती है. कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण बढ़ने से इन मामलों की निगरानी सख्त हो सकती है. डेमोक्रेट्स की जीत के बाद टेस्ला के शेयर करीब 3% और स्पेसएक्स के शेयर करीब 4% गिर गए.
अब आगे क्या?
मस्क के लिए यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक हार नहीं है. उन्होंने ट्रंप की वापसी के लिए 2024 में भी करीब 29 करोड़ डॉलर खर्च किए थे और बाद में सरकार में अहम भूमिका हासिल की थी. लेकिन 2026 के चुनाव में उनका 44.5 करोड़ डॉलर से ज्यादा का दांव सफल नहीं हुआ. अब कांग्रेस में डेमोक्रेट्स के पास सरकारी फैसलों की जांच करने, दस्तावेज मांगने और अधिकारियों को संसदीय सुनवाई में बुलाने की ताकत होगी. मस्क को भी अपनी कंपनियों के सरकारी ठेकों और DOGE में अपनी भूमिका पर जवाब देना पड़ सकता है.















