मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने गन्ना मूल्य वृद्धि समेत किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता चंद्रवीर सहरावत भोकरहेड़ी ने की, जबकि संचालन मोहित मलिक और अंकित जावला ने संयुक्त रूप से किया। राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि बढ़ती कृषि लागत के बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। उन्होंने आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य बढ़ाकर 500 रुपये प्रति कुंतल करने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चीनी के बाजार मूल्य में वृद्धि के बावजूद किसानों को उसका समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने किसान संगठनों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में भ्रष्टाचार के कारण किसान परेशान हैं और चकबंदी संबंधी शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा है।
धरने के माध्यम से असमय बारिश और तेज हवाओं से प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा देने, आलू के बीज की कीमत घटाने, कोल्ड स्टोर के किराये में सहायता, ठेका-बटाई पर खेती करने वाले किसानों को राहत तथा यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा अंश निर्धारण की त्रुटियां दूर करने, पुरबालियान में चकबंदी की समीक्षा, चीनी मिलों में किसानों और पशुओं के लिए गर्म पानी की व्यवस्था, तहसीलों में भ्रष्टाचार पर रोक, खलिहान की जमीन कब्जामुक्त कराने, जल जीवन मिशन के तहत क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तथा अमानक खाद-बीज की बिक्री रोकने की मांग उठाई गई। कृषि विभाग की मिनी किट वितरण व्यवस्था की जांच की मांग भी की गई। धरने में विपिन त्यागी, मनीष देव, मानू त्यागी, राजपाल सिंह, बाबर, शहजाद राव, कपिल बालियान, कपिल राठी, नीरज मलिक सहित अनेक किसान नेताओं ने विचार रखे। हजारों किसान धरने में शामिल हुए। बाद में अपर जिलाधिकारी प्रशासन और पुलिस क्षेत्राधिकारी सिद्धार्थ ने ज्ञापन लेकर समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया।















