नोएडा में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब गुरुग्राम से शुरू हुई वेतन बढ़ोतरी की मांग की चिंगारी यहां भी भड़क उठी। नेतृत्वहीन श्रमिकों का प्रदर्शन अचानक उग्र रूप ले बैठा और देखते ही देखते हजारों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। सेक्टर-62 गोल चक्कर, सेक्टर-60 मेट्रो स्टेशन, फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स, मदरसन फैक्ट्री और सेक्टर-15 के आसपास श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य मार्गों को जाम कर दिया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में आग लगा दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इस उग्र प्रदर्शन का असर पूरे शहर में देखने को मिला। औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा अंदरूनी सड़कों, मुख्य मार्गों और एनएच-9 समेत चिल्ला बॉर्डर पर भी यातायात पूरी तरह ठप हो गया। अनुमान के अनुसार करीब पांच लाख से अधिक लोगों को इस जाम के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच लोग घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे और वाहन चालकों को मजबूरन अपने वाहन छोड़कर सड़क किनारे खड़ा होना पड़ा।
दरअसल, श्रमिकों की मांगों में ओवरटाइम का भुगतान दोगुना करने, 30 नवंबर से पहले बोनस जारी करने, पीओएसएच (POSH) समिति के गठन और श्रमिक हेल्पलाइन नंबर जारी करने जैसे मुद्दे शामिल थे। हालांकि प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा इन मांगों को लेकर आश्वासन दिए गए, लेकिन अधिकांश श्रमिकों ने इन्हें खोखले वादे बताते हुए खारिज कर दिया और प्रदर्शन जारी रखा।
घटना ने पुलिस प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार हरियाणा के गुरुग्राम में 16 तारीख को प्रस्तावित प्रदर्शन की चेतावनी पहले से चर्चा में थी, इसके बावजूद गौतमबुद्ध नगर प्रशासन हालात को भांपने में असफल रहा। रविवार को अवकाश होने के कारण प्रशासनिक सक्रियता भी कम रही, जिसका असर सोमवार सुबह साफ दिखाई दिया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे अचानक बड़ी संख्या में श्रमिकों के सड़कों पर उतरने से पुलिस का गोपनीय तंत्र पूरी तरह फेल होता नजर आया।
वहीं, अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और श्रमिकों को शांति बनाए रखने के लिए समझाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि शहर में अभी भी कई स्थानों पर यातायात प्रभावित है और प्रशासन हालात सामान्य करने में जुटा हुआ है।















