अहमदाबाद में गुरुवार को हुए भीषण विमान हादसे में अब तक 275 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों की पहचान डीएनए जांच के जरिए की जा रही है और कुछ शवों को उनके परिजनों को सौंपा भी जा चुका है। इस हादसे ने देशभर में शोक और सवालों की लहर पैदा कर दी है।
शनिवार को योग गुरु बाबा रामदेव ने इस हादसे को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने शक जताया कि इसमें तुर्की की किसी एजेंसी की साजिश हो सकती है। बाबा रामदेव के इस बयान के बाद यह मुद्दा गरमा गया और सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तुर्की सरकार के सूचना विभाग ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया। विभाग ने स्पष्ट किया कि एयर इंडिया के जिस विमान — Boeing 787-8 — का हादसा हुआ, उसका रखरखाव टर्किश टेक्निक नामक कंपनी ने नहीं किया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि इस तरह के दावे बेबुनियाद हैं और भारत-तुर्की रिश्तों को बिगाड़ने की कोशिश है।
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि टर्किश टेक्निक और एयर इंडिया के बीच हुआ समझौता केवल B777 विमानों के रखरखाव तक सीमित है। Boeing 787-8 विमान पर कंपनी ने कभी कोई तकनीकी कार्य नहीं किया।
तुर्की की ओर से यह भी कहा गया कि उन्हें जानकारी है कि उस विमान की आखिरी बार सर्विसिंग किस कंपनी ने की थी, लेकिन वे इस पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं करेंगे ताकि कोई गलतफहमी न फैले। साथ ही, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि तुर्की की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले झूठे दावों पर वे नजर रख रहे हैं और ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई की जाएगी।















