मुजफ्फरनगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण जिला पंचायत सभागार में प्रोजेक्टर के माध्यम से आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार ने की। प्रशिक्षण में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को निर्वाचक नामावली में नए नाम दर्ज करने तथा सिफ्टिड या मृतक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि निर्वाचन संबंधी कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि प्रशिक्षण को गंभीरता से प्राप्त कर अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।प्रशिक्षण के दौरान फॉर्म-6, 7 और 8 को सही तरीके से भरने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाता का नाम दर्ज करने के लिए, फॉर्म-7 का उपयोग मृतक या अन्य कारणों से नाम हटाने के लिए तथा फॉर्म-8 का उपयोग पहले से दर्ज नाम या विवरण में सुधार करने के लिए किया जाता है। अधिकारियों को इन सभी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाया जा सके।साथ ही, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के दायित्व और कर्तव्यों पर भी प्रकाश डाला गया। उन्हें यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो और अपात्र अथवा मृतक व्यक्तियों के नाम हटा दिए जाएं। इस कार्य में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अप्राजिता आर्यन भी मौजूद रहीं और अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि निर्वाचन से संबंधित सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध, सटीक और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हों, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।















