दिल्ली में यमुना क्रूज सेवा शुरू करने की यह योजना पर्यटकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन सकती है। यह पहल न केवल टूरिज्म को बढ़ावा देगी, बल्कि यमुना के कायाकल्प में भी मदद करेगी।सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक-सोलर हाइब्रिड क्रूज चलाने की योजना से यह सुनिश्चित होगा कि यह एक पर्यावरण-अनुकूल परियोजना रहे। खासतौर पर दिल्ली जैसे शहर में, जहां प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, इस तरह की पहल टिकाऊ पर्यटन और स्वच्छता को बढ़ावा देगी।इस परियोजना की सफलता काफी हद तक जलमार्गों की सफाई, क्रूज के रखरखाव और यात्रियों के लिए दी जाने वाली सुविधाओं पर निर्भर करेगी। अगर इसे सही तरीके से लागू किया गया, तो यह दिल्ली के पर्यटन नक्शे पर एक नई पहचान बना सकता है।
20-30 यात्रियों की बैठने की क्षमता
ऑपरेटर शुरू में इस सर्विस के लिए दो इलेक्ट्रिक-सोलर हाइब्रिड क्रूज प्रदान करेगा. क्रूज में 20-30 यात्रियों की बैठने की क्षमता होगी. ये क्रूज 5 से 7 नॉटिकल माइल (10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड) की स्पीड से चलेंगे.क्रूज में इनबोर्ड बायो-टॉयलेट, अनाउंसमेंट सिस्टम, सुरक्षा जैकेट की सुविधा होगी. दस्तावेज में कहा गया है कि एसी वाले क्रूज पट्टे पर या स्वामित्व वाली होंगी और दो साल से कम पुरानी नहीं होंगी. क्रूज के जरिए कम से कम चार ट्रिप होगी.















