मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की ककरौली पुलिस ने एक बड़ी सांप्रदायिक साजिश को समय रहते विफल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान नदीम पुत्र सगीर, मनशेर पुत्र शफीक और रईस पुत्र सगीर के रूप में हुई है। इन पर आरोप है कि इन्होंने विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में पाकिस्तान से संबंधित एक भड़काऊ वीडियो और ऑडियो वायरल किया, जिसका उद्देश्य यात्रा के दौरान साम्प्रदायिक तनाव फैलाना और दंगे भड़काना था।सहारनपुर मंडल के डीआईजी अभिषेक सिंह ने मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि सावन मास के दूसरे सोमवार को, जब कांवड़ यात्रा अपने चरम पर थी, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ने कुछ व्हाट्सएप ग्रुपों में आपत्तिजनक सामग्री वायरल होने की सूचना प्राप्त की। जांच में सामने आया कि वीडियो में बच्चों की हत्या की वीभत्स तस्वीरें थीं, जबकि ऑडियो में यह झूठा दावा किया गया था कि मंसूरपुर और आसपास के गांवों में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 50 से अधिक मुसलमानों की हत्या कर दी है।जांच में स्पष्ट हुआ कि वीडियो पाकिस्तान में बनाया गया है और इसकी गुणवत्ता व मूल स्रोत पाकिस्तान से ही जुड़े प्रतीत होते हैं। यह वीडियो और ऑडियो ‘लोन वुल्फ’ हमले, मॉब लिंचिंग और दंगे भड़काने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा थे। आरोपियों ने इसे “खिदमत अब्बासी (मेरठ)”, “प्राउड इंडियन मुस्लिम (मुरादाबाद)”, “मुस्लिम समाज जिंदाबाद (मुजफ्फरनगर)”, “ऑल इंडिया एम्प्लॉय”, और “ककरौली युवा एकता (मुजफ्फरनगर)” जैसे व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए सैकड़ों लोगों तक पहुंचाया।पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनका उद्देश्य यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा फैलाना था। पुलिस को संदेह है कि इस पूरे षड्यंत्र में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका हो सकती है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन बरामद किए हैं जिनसे यह सामग्री प्रसारित की गई थी।तीनों आरोपियों के खिलाफ UAPA, आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें विभिन्न राज्यों में दबिश दे रही हैं। यह कार्रवाई कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में पुलिस की सतर्कता और तत्परता का प्रमाण है।















