मुजफ्फरनगर। तीर्थ नगरी मोरना स्थित शुकतीर्थ में हर वर्ष की भांति इस बार भी भव्य कार्तिक गंगा स्नान मेले का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन इस बार का मेला आम श्रद्धालुओं के लिए कुछ अलग होने जा रहा है। आने वाले दिनों में यहां विशेष अतिथियों और अतिविशिष्ट व्यक्तियों (वीआईपी) के आगमन की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और अधिक सख्त कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत इस बार श्रद्धालुओं को मुख्य गंगा घाट और आसपास के आश्रमों से कुछ दूरी पर रखते हुए स्नान और दर्शन की व्यवस्था की जाएगी।
शुकतीर्थ में लगने वाला यह वार्षिक मेला कार्तिक मास का एक प्रमुख धार्मिक आयोजन माना जाता है, जहां दूर-दूर से लाखों भक्त गंगा स्नान और ध्यान-भजन के लिए आते हैं। माना जाता है कि यहां गंगा स्नान का विशेष आध्यात्मिक महत्व है और भगवान परशुराम की तपस्थली होने के कारण तीर्थ का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। हर वर्ष मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बन जाता है।
हालांकि, इस बार स्थिति कुछ अलग है। प्रशासनिक स्तर पर वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए मेले में प्रवेश और स्नान क्षेत्र पर विशेष नियंत्रण रखा जा रहा है। सुरक्षा कारणों से गंगा घाटों और प्रमुख आश्रमों के आसपास आम श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के साथ-साथ निगरानी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। ड्रोन कैमरों की मदद से भीड़ की स्थिति और मूवमेंट की निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैल सके।
प्रशासन का कहना है कि वीआईपी कार्यक्रम के बावजूद आम श्रद्धालुओं की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा और उनके लिए वैकल्पिक स्नान क्षेत्र तथा दर्शन मार्ग तय किए गए हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष पार्किंग क्षेत्र, परिवहन व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता और लापता केंद्रों की भी व्यवस्था की जा रही है। वहीं, मेले में सफाई व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि पवित्र स्थल और गंगा घाट स्वच्छ बने रहें।
स्थानीय श्रद्धालुओं और व्यापारी वर्ग का कहना है कि हर साल यहां धार्मिक और व्यावसायिक गतिविधियों से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिलता है। हालांकि, वीआईपी कार्यक्रम के चलते आम जनता को दूरी पर रखना कई लोगों के लिए असुविधा का कारण बन सकता है, लेकिन प्रशासनिक तर्कों को देखते हुए इसे आवश्यक कदम माना जा रहा है।
धार्मिक आस्था, सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारी—इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस बार शुकतीर्थ का कार्तिक गंगा स्नान मेला विशेष चर्चा में है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे मेले में आते समय प्रशासन की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन करें और निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें, ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित हो सके।















