मालाखेड़ा क्षेत्र में मानसून की दूसरी भारी बारिश ने एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खतरे की घंटी बजा दी। पांडूपोल हनुमान मंदिर जाने वाले रास्ते में सिलीबेरी गेट से होकर गुजरने वाली नदी ने तेज बारिश के कारण उफान पकड़ लिया, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज बहाव के बावजूद लोग बाइक सहित इस नदी को पार करते नजर आए, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ गई।
शनिवार को राजगढ़ और मालाखेड़ा क्षेत्र में जबरदस्त बारिश हुई, जिससे पांडूपोल मंदिर के पहाड़ी इलाकों से होकर बहने वाली नदी में पानी का वेग काफी बढ़ गया। इसी मार्ग से सैकड़ों गांवों के हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे, लेकिन वापसी के समय नदी का जलस्तर बढ़ गया। बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे खड़े हो गए और पार करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। वहीं कुछ युवकों ने बाइक सहित नदी को पार करने का जोखिम उठाया।
इस संबंध में अलवर जिला प्रशासन की ओर से पहले ही चेतावनी दी गई थी कि बहते हुए पानी में से निकलने की कोशिश न करें। जिला कलेक्टर की अपील के बावजूद लोग लापरवाही बरतते हुए नजर आए। कुछ युवक तो नदी में बैठकर मोबाइल से सेल्फी लेते भी देखे गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले साल भी ऐसे ही हालात में कई लोग पानी में फंस गए थे, लेकिन बावजूद इसके लोग चेत नहीं रहे।
सिलीबेरी नदी में आई यह बाढ़ बालेटा सिलीबेरी बांध तक पहुंची है। इससे पहले 31 जुलाई को हुई बारिश में भी यही स्थिति बनी थी, और अब फिर से बारिश के चलते नदी का जलस्तर बढ़ गया है। यह रास्ता श्रद्धालुओं के लिए मुख्य मार्ग है, लेकिन बरसात में यह खतरे से खाली नहीं रहता। प्रशासन द्वारा चेतावनी के बाद भी श्रद्धालुओं का लापरवाह रवैया आने वाले समय में बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकता है। स्थानीय लोग प्रशासन से इस मार्ग पर निगरानी बढ़ाने और अस्थायी पुल या वैकल्पिक मार्ग की मांग कर रहे हैं।















