सिलीसेढ़ में प्रस्तावित बोरिंग के विरोध में 12वें दिन भी जारी रहा धरना, शीतला माता मंदिर पर किया सद्बुद्धि यज्ञ.

अलवर जिले के मालाखेड़ा क्षेत्र के सिलीसेढ़ गांव में प्रस्तावित 35 नई बोरिंगों के विरोध में झील बचाओ- किसान बचाओ संघर्ष समिति का धरना सोमवार को लगातार 12वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी सिलीसेढ़ तिराहा के पास डटे हुए हैं और बढ़ती गर्मी के बावजूद प्रशासन से किसी प्रकार की वार्ता न होने को लेकर आक्रोशित हैं। ग्रामीणों और किसानों ने धरना स्थल से डीजे के साथ एक यात्रा निकालकर शीतला माता मंदिर तक मार्च किया। वहां पहुंचकर उन्होंने सद्बुद्धि यज्ञ किया और प्रशासन को सद्बुद्धि आने की कामना की। इसके पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।

संघर्ष समिति से जुड़े प्रेम पटेल ने बताया कि सिलीसेढ़ क्षेत्र में झील के समीप बोरिंग करने से भूजल स्तर और पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पहले ही जल संकट से जूझ रहा है और ऐसे में बड़ी संख्या में बोरिंग करना पूरी पारिस्थितिकी के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि भीषण गर्मी में भी प्रदर्शनकारियों को कोई सुनवाई नहीं मिल रही है।प्रेम पटेल ने कहा कि जब तक प्रशासन इस निर्णय को रद्द नहीं करता, तब तक धरना जारी रहेगा। ग्रामीणों ने संकल्प लिया है कि सिलीसेढ़ की भूमि और जलस्रोतों को बचाने के लिए हरसंभव संघर्ष किया जाएगा।

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