राज्यसभा से इस्तीफा देकर सत्ता में एंट्री, सुनेत्रा पवार बनीं महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देने के बाद सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। अजित पवार के निधन के बाद पार्टी और गठबंधन की ओर से उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई। शपथ ग्रहण के साथ ही सुनेत्रा पवार ने इतिहास रच दिया और वह महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गईं। इस घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राजभवन में आयोजित समारोह में सुनेत्रा पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण समारोह में मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए। समारोह के दौरान सत्ता पक्ष के नेताओं ने इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

शपथ ग्रहण के बाद सुनेत्रा पवार को आबकारी शुल्क, खेल एवं युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास तथा औकाफ (वक्फ) जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, योजना और वित्त विभाग, जो पहले अजित पवार के पास थे, अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास रहेंगे। माना जा रहा है कि इन विभागों के माध्यम से सुनेत्रा पवार युवाओं, खेल प्रतिभाओं और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए नई योजनाओं पर फोकस करेंगी।उपमुख्यमंत्री बनने से पहले सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दिया था। पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यसभा के उपाध्यक्ष और कार्यवाहक अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन को सौंपा। इस्तीफे के साथ ही सत्ता में उनकी एंट्री का रास्ता साफ हो गया।

राजनीतिक सफर की बात करें तो सुनेत्रा पवार ने 2024 के लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमाई थी, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया, जहां से अब उन्होंने इस्तीफा देकर राज्य की कार्यपालिका में सक्रिय भूमिका संभाली है। उनके समर्थकों का कहना है कि संगठनात्मक अनुभव और पारिवारिक राजनीतिक विरासत के चलते वह इस जिम्मेदारी को मजबूती से निभाएंगी।सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। विपक्ष ने जहां इस फैसले पर सवाल उठाए हैं, वहीं सत्ता पक्ष इसे स्थिरता और निरंतरता का प्रतीक बता रहा है। कुल मिलाकर, राज्यसभा से इस्तीफा देकर उपमुख्यमंत्री पद तक पहुंचने का यह सफर महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय तक याद किया जाएगा, खासकर इसलिए क्योंकि यह राज्य को उसकी पहली महिला डिप्टी सीएम भी देता है।

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