दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट के निवासियों को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपार्टमेंट के निवासियों को फ्लैट खाली करने के लिए अतिरिक्त समय देने से इंकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि निवासियों को पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है और अब किसी भी प्रकार की मोहलत नहीं दी जाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इन इमारतों को संरचनात्मक रूप से असुरक्षित पाया गया है, इसलिए इनका खाली कराया जाना जरूरी है ताकि किसी संभावित हादसे को टाला जा सके।
गौरतलब है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट्स को खतरनाक घोषित करते हुए इन्हें खाली करने का आदेश जारी किया था। डीडीए की रिपोर्ट में पाया गया था कि इमारत की दीवारों और बीमों में गहरी दरारें आ चुकी हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। अदालत ने निवासियों को आदेश दिया था कि वे सुरक्षा कारणों से जल्द से जल्द अपने घर खाली करें।
निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और उनके पास फिलहाल कहीं और जाने की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने अदालत से कुछ और समय की मांग की थी ताकि वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जा सके, लेकिन अदालत ने यह मांग ठुकरा दी। अदालत ने डीडीए को निर्देश दिया है कि वह प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए अपनी योजना पर जल्द अमल करे।
अब निवासियों को तय समयसीमा के भीतर अपने फ्लैट खाली करने होंगे, अन्यथा डीडीए प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए इमारत को जबरन खाली करवा सकता है। यह फैसला सैकड़ों परिवारों के लिए गहरी चिंता का कारण बन गया है।























































