राम रहीम को फरलो मिलने पर SGPC ने उठाए सवाल, कही ये बात

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद राम रहीम की फरलो पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सवाल उठाए हैं. हरियाणा में मंगलवार को एक बार फिर राम रहीम को फरलो दिए जाने के फैसले पर एसजीपीसी ने भाजपा पर हमला बोला है. कमेटी के प्रवक्ता गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हरियाणा सरकार दुष्कर्म और हत्या के दोषी को बार-बार पैरोल दे रही है.

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गुरमीत राम रहीम को चुनावों के लिए राजनीतिक सीढ़ी के तौर पर इस्तेमाल कर रही है. इस पर एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि हमने राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था. 10 अगस्त को हाईकोर्ट ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की याचिका खारिज कर दी थी.

हमारे बंदी सिंह के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है- SGPC

एसजीपीसी प्रमुख ने कहा कि हमने याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था. हमें पता था कि सरकार को क्या करना है, इसका फैसला हमें पता है. अभी 21 दिन की फरलो दी गई है, आने वाले दिनों में और दिन की फरलो दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि पिछली बार राम रहीम को 7 दिन की पैरोल दी गई थी. अब हम इस बात का मूल्यांकन कर रहे हैं कि आगे क्या करना है.

दरअसल, एसजीपीसी ने राम रहीम को बार-बार पैरोल दिए जाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. 10 अगस्त को हाईकोर्ट ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें राम रहीम को बार-बार पैरोल या फरलो दिए जाने पर सवाल उठाए गए थे. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार ऐसे मुद्दों पर निर्णय लेने में सक्षम है.

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रवक्ता गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है. सिख पंथ और सिख धर्म के प्रमुख संगठन पहले भी ऐसे फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देते रहे हैं. और अब भी वे इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. राम रहीम को दसवीं बार पैरोल या फरलो दी जा रही है. लेकिन हमारे बंदी सिंह और धार्मिक कैदियों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.

सब कुछ कानून के मुताबिक हो रहा है- BJP

उधर, पंजाब भाजपा ने राम रहीम को दी गई फरलो को सही ठहराया है. पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता हरजीत ग्रेवाल ने कहा कि राम रहीम को जेल मैनुअल के अनुसार फरलो दी गई है. एसजीपीसी को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए. ग्रेवाल ने कहा कि एसजीपीसी ने पहले भी याचिका दायर की थी, अब अगर वे संतुष्ट नहीं हैं तो उन्हें फिर से याचिका दायर करनी चाहिए.भाजपा नेता हरजीत ग्रेवाल ने कहा कि सब कुछ कानून के मुताबिक हो रहा है. अगर उन्हें अन्य कैदियों की तरह अच्छे व्यवहार के कारण सुविधाएं दी गई हैं तो इस पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. इसके लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराना भी गलत है, यह राज्य सरकार का काम है.

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