मुजफ्फरनगर। जनपद में संचालित किए जाने वाले राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) के लिए जिला प्रशासन ने उपयुक्त भवन किराये पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी सूचना में ऐसे भवन स्वामियों और फर्मों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, जिनके पास निर्धारित मानकों के अनुरूप भवन उपलब्ध हो। यह सम्प्रेक्षण गृह किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 तथा आदर्श नियमावली 2016 के प्रावधानों के तहत संचालित किया जाएगा।
प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि भवन शहर के भीड़-भाड़, शोर-शराबे और प्रदूषण से दूर शांत, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण वाले क्षेत्र में होना चाहिए। साथ ही भवन के आसपास सड़क, बिजली, पानी, सीवर और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त न्यायालय, अस्पताल, विद्यालय, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी भवन के निकट होनी चाहिए।सूचना के अनुसार 50 बालकों की क्षमता वाले इस सम्प्रेक्षण गृह के लिए कुल 8495 वर्ग फुट क्षेत्रफल का भवन आवश्यक होगा। इसके अलावा बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त खुला मैदान भी होना चाहिए। भवन में दो बड़ी शयनशालाएं, दो कक्षाएं, रोगी कक्ष, रसोई, भोजन कक्ष, पुस्तकालय, मनोरंजन कक्ष, कार्यशाला, कार्यालय कक्ष, परामर्श एवं मार्गदर्शन कक्ष, स्नानघर और शौचालय सहित विभिन्न व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप होना जरूरी हैं।
मानकों के तहत 25-25 बालकों के लिए दो डोरमेट्री, प्रत्येक 1000 वर्ग फुट क्षेत्रफल की होनी चाहिए। इसके अलावा भोजन कक्ष 800 वर्ग फुट, पुस्तकालय 500 वर्ग फुट और कार्यशाला 1125 वर्ग फुट क्षेत्रफल की निर्धारित की गई है। किशोर न्याय बोर्ड अथवा बाल कल्याण समिति के लिए भी दो अलग कक्ष अनिवार्य रखे गए हैं। प्रभारी व्यक्ति के आवास की भी अलग व्यवस्था भवन में होनी चाहिए।जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति या फर्म अपने भवन का प्रस्ताव, नक्शा तथा आवश्यक अभिलेखों सहित 15 दिवस के भीतर जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय, कलेक्ट्रेट मुजफ्फरनगर में पंजीकृत डाक अथवा स्वयं उपस्थित होकर जमा करा सकते हैं। प्रशासन द्वारा सरकारी दरों पर ही भवन किराये पर लिया जाएगा।















