मालदा में SIR अधिकारियों को बंधक बनाने पर SC का तीखा तेवर,

मालदा की इस घटना पर Supreme Court of India का कड़ा रुख सामने आया है, जिसने West Bengal सरकार को सख्त शब्दों में फटकार लगाई।कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस Surya Kant ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों का घेराव कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि एक “सोची-समझी साजिश” प्रतीत होती है, जिसका मकसद चुनावी प्रक्रिया में लगे अधिकारियों का मनोबल तोड़ना है।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने

  • कोर्ट ने राज्य प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए
  • कहा कि पहले से जानकारी होने के बावजूद अधिकारियों की सुरक्षित निकासी क्यों नहीं कराई गई
  • राज्य में “अत्यधिक ध्रुवीकरण” (polarization) पर चिंता जताई
  • टिप्पणी की कि वहां हर मुद्दे को “सियासी नजरिए” से देखा जा रहा है

कोर्ट की चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्यायिक स्वतंत्रता के लिए खतरा हैं। अगर चुनाव ड्यूटी या न्यायिक कार्य में लगे अधिकारियों की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं होगी, तो पूरे सिस्टम पर असर पड़ेगा।

मामला क्यों गंभीर है

मालदा में न्यायिक/चुनावी अधिकारियों को घेर कर बंधक बनाने की घटना ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोर्ट का मानना है कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा मामला है।

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