कांग्रेस नेता और सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा अपने एक हालिया बयान को लेकर मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम को लेकर दिए गए उनके बयान पर विवाद गहराता जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट में उनके खिलाफ एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें उन पर देश की एकता और अखंडता को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया गया। हालांकि कोर्ट ने इस याचिका को निस्तारित करते हुए वाड्रा को दो विकल्प सुझाए हैं—या तो वे सार्वजनिक रूप से अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें, या फिर कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक हस्तियों को बोलने से पहले संयम बरतना चाहिए, क्योंकि उनके शब्दों का प्रभाव व्यापक होता है। वाड्रा ने अभी तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा गर्मा गया है। विपक्षी दलों ने वाड्रा के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है और स्पष्टीकरण की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि वाड्रा को अब सोच-समझकर अगला कदम उठाना होगा, वरना यह मामला उनके लिए कानूनी और राजनीतिक संकट बन सकता है।















