अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक मंच से ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि जो देश ईरान से तेल खरीदना जारी रखेंगे, उन्हें अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान अपने तेल से मिलने वाले राजस्व का उपयोग आतंकवाद को बढ़ावा देने और परमाणु कार्यक्रम को मजबूत करने में कर रहा है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अब पहले से ज्यादा सख्ती से इन नियमों को लागू करेगा और किसी भी देश को छूट नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने साफ किया कि उनका उद्देश्य ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करना है ताकि वह अपने परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने पर मजबूर हो। इस चेतावनी से भारत, चीन, तुर्की जैसे देश जो कभी ईरानी तेल के बड़े ग्राहक थे, उनके लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रंप के इस बयान से तेल बाजार में अस्थिरता की आशंका गहराई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि देश अब अमेरिका के दबाव में ईरान से दूरी बनाते हैं या अपने हितों के अनुसार फैसला लेते हैं।















