जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर जारी, चार दिन में 31 मौतें,अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा स्थगित.

जम्मू-कश्मीर में चार दिन से हो रही वर्षा से अधिकतर जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। चिनाब नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और तवी समेत अन्य नदी-नाले भी उफान पर हैं। नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।इस बीच, भूस्खलन व पत्थर गिरने से परेशानी बढ़ गई है। रामबन जिले में यात्री टेंपो वाहन पर विशाल चट्टान गिरने से दंपती की मौत हो गई व पांच अन्य घायल हो गए। सुंदरबनी में अग्रिम चौकी पर तैनात पंजाब निवासी जवान भी मलबे में दब गया। वहीं बांडीपोरा में बाढ़ में बहे एक बच्चे का शव बरामद हुआ।

चार दिन में 31 की मौत

इसके साथ ही चार दिन में मरने वालों की संख्या 31 हो गई है। सुंदरबनी में महादेव गैप क्षेत्र में अग्रिम चौकी पर तैनात राइफलमैन सुखप्रीत सिंह 21 और 22 जुलाई की रात पहाड़ी से मलबा खिसकने के कारण वह उसकी चपेट में आ गए। सेना ने अभियान चला जवान को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।इस बीच, राजौरी दौरे पर गए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी का काफिला जम्मू-राजौरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आने से बच गया।इसी तरह जम्मू-पुंछ हाईवे पर सुरनकोट के पास सांसद मियां अल्ताफ अहमद का सरकारी वाहन भी भूस्खलन के दौरान मिट्टी में फंस गया। इसके बाद सांसद पैदल प्रभावितों से मिलने निकल गए। वहीं, ऊधमपुर से रामबन के बीच कई जगह भूस्खलन से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद है।

पांचवें दिन भी स्थगित रही यात्रा

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार दोपहर बाद मौसम में सुधार संभव है। इस बीच, श्रीअमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी की यात्रा और शिवखोड़ी की यात्रा पांचवें दिन भी स्थगित रही। कटड़ा में बैटरी कार मार्ग पर भूस्खलन व पत्थर गिरने की सूचना है।कटड़ा के एशिया चौक से बलानी चेक पोस्ट मार्ग को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया है। ऊधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, रियासी और रामबन में भूस्खलन के कारण सैकड़ों संपर्क मार्ग बंद हैं। कठुआ में वर्षा से 56 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 17 बिजली के ट्रांसफार्मर खराब हो गए।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts