मुजफ्फरनगर। नगर पालिका प्रांगण स्थित विद्युत विभाग के एक्शन कार्यालय में इन दिनों स्मार्ट विद्युत मीटर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। मीटर में लाइट होने के बावजूद घरों में बिजली सप्लाई न मिलने से उपभोक्ता काफी परेशान हैं और अपनी समस्या के समाधान के लिए लगातार अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। कार्यालय में मौजूद पीड़ित उपभोक्ताओं की भीड़ विभागीय व्यवस्था की खामियों को उजागर करती नजर आ रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं, लेकिन कई महीनों से बिजली के बिल नहीं आ रहे थे। अचानक से उनकी बिजली काट दी गई, जिससे घरों में अंधेरा छा गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली बिल जमा करने के बाद भी विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल नहीं हो रही है, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।परेशान उपभोक्ताओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगवाकर वे अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले की व्यवस्था में ऐसी परेशानी नहीं होती थी, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उन्हें बार-बार तकनीकी समस्याओं और भुगतान से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।किसान यूनियन सर्व समाज से जुड़े नदीम राव ने भी स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि उपभोक्ता स्मार्ट मीटर उखाड़कर कार्यालय में जमा करने को मजबूर हो जाएंगे और मोमबत्ती के सहारे काम चलाएंगे। उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों से वे स्मार्ट मीटरों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं और इसको लेकर धरना-प्रदर्शन भी किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान पुलिस प्रशासन ने उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए, लेकिन अब वही स्थिति सामने आ रही है जिसका अंदेशा पहले से जताया जा रहा था। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगे होने के बावजूद उपभोक्ता बिजली के लिए परेशान हैं और मीटर में लाइट होने के बाद भी घरों में अंधेरा बना हुआ है।वहीं कमर्शियल एक्शन कुलदीप सिंह का कहना है कि कुछ उपभोक्ताओं को तकनीकी और भुगतान से जुड़ी समस्याएं आ रही हैं, जिनका समाधान विभाग की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था नई है और धीरे-धीरे उपभोक्ता इसके प्रति जागरूक हो जाएंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप डाउनलोड कर उसी के माध्यम से समय-समय पर अपना भुगतान करें। यदि उपभोक्ता समय पर रिचार्ज करते रहेंगे तो उनकी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि मुजफ्फरनगर के शहरी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर दस करोड़ रुपये से अधिक का बकाया हो चुका है, जिसकी वसूली के लिए बिजली विभाग द्वारा बकायेदार उपभोक्ताओं की सप्लाई काटी जा रही है। साथ ही विभागीय टीम कार्यालय में आने वाले उपभोक्ताओं की शिकायत सुनकर उनका समाधान करने का प्रयास कर रही है।















