मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश मिलेट्स (श्री अन्न) पुनरुद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत बीआरसी सदर एवं चरथावल सभागार में एक दिवसीय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में शिक्षकों को मोटे अनाज के पोषण, स्वास्थ्य लाभ और खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।ब्लॉक सदर में कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी ध्यानचंद्र ने की। मीतू वर्मा, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप–ए ने अध्यापकों को मिलेट्स से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रागी, बाजरा, कोदो और सांवा जैसे मोटे अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
उन्होंने मिलेट्स से तैयार किए जाने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों के पौष्टिक गुणों की भी जानकारी दी।राजकुमार, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप–बी कृषि ने बताया कि सरकार द्वारा खरीफ सीजन में विकासखंड स्तर पर स्थित राजकीय बीज भंडारों से रागी, बाजरा, कोदो और सांवा आदि के मिनीकिट किसानों को निःशुल्क वितरित किए जाते हैं। उन्होंने किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।चरथावल ब्लॉक में प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरीश कुमार, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप–बी ने की। संतवीर सिंह ने मिलेट्स में मौजूद पोषक तत्वों की उपयोगिता बताई। गुलाम साबिर ने मोटे अनाज की खेती और कृषि रक्षा से संबंधित जानकारी दी। प्रगतिशील किसान अरविंद्र मलिक ने मिलेट्स को पोषक तत्वों का खजाना बताते हुए इसके अधिक से अधिक उपयोग की अपील की। प्रशिक्षण में अध्यापकों ने रुचि के साथ जानकारी सुनी और कार्यक्रम की सराहना की।























































