मुजफ्फरनगर नगरपालिका परिषद की बोर्ड बैठक इस बार विवादों से घिरी रही। बैठक में कुल 143 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए, लेकिन वार्ड 36 की सभासद पारुल मित्तल ने पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप पर गंभीर आरोप लगाए। पारुल मित्तल का कहना था कि अब उनकी ओर से रखे जाने वाले प्रस्तावों पर कोई कार्यवाही नहीं होती, जिस कारण वे बैठक में नए प्रस्ताव नहीं रखतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरत रहा है। उनके अनुसार, वार्ड में लाइट, स्विच और स्पीड ब्रेकर जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकाल का लगभग 40% समय बीत चुका है, लेकिन अब तक वार्ड में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ।विवाद के जवाब में पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीते दो वर्षों में लगातार विकास कार्य कराए गए हैं और कई बड़े प्रोजेक्ट जल्द शुरू होंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि शहर के सभी खुले नालों को ढका जाएगा और सभी वार्डों से आए प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जा रही है। जब मीडिया ने उनसे दो वर्षों में पूरे हुए पांच प्रमुख कार्यों की जानकारी मांगी तो उन्होंने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि कार्यकाल पूरा होने के बाद ही समग्र विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।















