मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। इस कार्यवाही को मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक और सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक के निर्देशन में अंजाम दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में, पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध और थाना साइबर क्राइम के प्रभारी अधिकारी के नेतृत्व में इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकसित ऑनलाइन पोर्टल “प्रतिबिंब” पर यह शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि फेसबुक पर फल एवं सब्जी विक्रेता के नाम से एक पेज बनाकर आम जनता को धोखे में रखकर ठगी की जा रही है। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए थाना साइबर क्राइम द्वारा तत्काल जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि ठगी में जिन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का उपयोग किया जा रहा था, वे जनपद मुजफ्फरनगर से ही संचालित हो रहे थे।इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गहन तकनीकी निगरानी और जमीनी सूचना संकलन के जरिए आरोपियों की लोकेशन को ट्रेस किया। तत्पश्चात पुलिस ने रात के समय डीएवी पब्लिक स्कूल बालाजीपुरम, नहर पटरी खतौली के पास दबिश दी और वहां से अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से कई तकनीकी साक्ष्य भी बरामद किए गए, जिनमें मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज आदि शामिल हैं।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है ताकि पीड़ितों की रकम सुरक्षित रखी जा सके। वर्तमान में आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से भी जुड़े हैं या नहीं। पुलिस ने इस मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।जनपद मुजफ्फरनगर की साइबर क्राइम टीम की यह कार्यवाही न सिर्फ ठगी के मामलों में लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह आमजन को भी सतर्क करने वाला संदेश देती है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान कंपनी या विक्रेता पर विश्वास करने से पहले पूर्ण सतर्कता बरतनी चाहिए।















