मुजफ्फरनगर। शहर के व्यस्त भगत सिंह रोड पर हाल ही में हुए सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। नई सड़क कई स्थानों से उखड़ने के बाद नाराज व्यापारियों ने प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री एवं सदर विधायक कपिलदेव अग्रवाल से शिकायत कर उन्हें मौके पर बुलाया। शिकायत मिलते ही मंत्री बिना किसी देरी के भगत सिंह रोड पहुंचे और व्यापारियों के साथ सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क की परत कई जगह से उखड़ी हुई मिली, जिस पर व्यापारियों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का इतने कम समय में क्षतिग्रस्त होना गंभीर लापरवाही और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है।
मौके पर ही मंत्री ने नगर पालिका के अधिकारियों को बुलाकर सड़क की स्थिति दिखाई और निर्माण कार्य पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मंत्री ने कहा कि सरकार विकास कार्यों के लिए जनता के टैक्स का पैसा खर्च कर रही है और उसकी गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
व्यापारियों ने मंत्री को बताया कि कुछ ही दिनों में श्रावण कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है और भगत सिंह रोड से प्रतिदिन हजारों स्थानीय लोगों के अलावा लाखों कांवड़िए गुजरेंगे। सड़क की मौजूदा स्थिति श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। उन्होंने मांग की कि यात्रा शुरू होने से पहले सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि आवागमन सुचारु बना रहे। व्यापारियों ने यह भी कहा कि खराब सड़क के कारण बाजार में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे कारोबार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका के अधिकारी, सभासद, व्यापारी संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी मौजूद रहे। मंत्री ने सभी की शिकायतें सुनने के बाद भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब शहरवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच कितनी शीघ्र पूरी होती है और सड़क निर्माण में यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जाती है।























































