मुजफ्फरनगर। जनपद के विकास क्षेत्र खतौली में अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनियों के खिलाफ मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 48 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त की प्रेरणा तथा प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कविता मीना के निर्देशों के अनुपालन में की गई। प्राधिकरण की इस सख्त कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया और क्षेत्र में दिनभर अफरा–तफरी का माहौल बना रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खतौली के बुढाना रोड स्थित खसरा संख्या 253, 255, 256, 260, 261, 262, 263, 349, 391 और 393 में लगभग 25 बीघा भूमि पर प्रवीन, सुशील, अनिल पुत्र कन्हैया लाल, बाबूराम, विजय सिंह तथा सुरेन्द्र सिंह पुत्र रतीराम द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। इसके अलावा ग्राम शेखपुरा, कस्बा खतौली में खसरा संख्या 19 पर विभूति गुप्ता पुत्र देवेन्द्र गुप्ता, दिनेश गर्ग और तमन्ना पुत्री हसनैन अली द्वारा करीब 15 बीघा भूमि पर अनाधिकृत कॉलोनी विकसित की जा रही थी। वहीं तीसरे मामले में बुढाना रोड काजी फार्म के सामने खसरा संख्या 108 पर अमित गोयल, ईशान पुत्र जीशान और अनीश पुत्र जुल्फिकार द्वारा लगभग 8 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी।इन सभी मामलों में विकास प्राधिकरण द्वारा पूर्व में संबंधित भू–स्वामियों को नोटिस जारी किए गए थे और चालानी कार्रवाई के बाद ध्वस्तीकरण के आदेश भी पारित किए जा चुके थे। इसके बावजूद संबंधित लोगों ने अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को नहीं हटाया, जिसके चलते प्राधिकरण को सख्त कदम उठाना पड़ा। बुधवार को प्राधिकरण की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित पूरी टीम मौजूद रही। साथ ही संबंधित थाना पुलिस भी मौके पर तैनात रही, ताकि किसी प्रकार की कानून–व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके पर एकत्र हो गई, लेकिन प्रशासन ने पूरी सतर्कता के साथ कार्यवाही को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया।प्राधिकरण के अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना स्वीकृत नक्शे के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह अवैध है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्लॉट या संपत्ति को खरीदने से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण से स्वीकृति की जांच अवश्य कर लें, ताकि उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।















