मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध सिम बॉक्स टेलीफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार.

मुजफ्फरनगर जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन मेरठ एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र सहारनपुर के निर्देशन में तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध सिम बॉक्स आधारित टेलीफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़ कर दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध और थाना प्रभारी सुल्तान सिंह ने किया।प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार के संचार मंत्रालय से सूचना मिली थी कि थाना खतौली क्षेत्र के ग्राम शेखपुरा में अवैध रूप से सिम बॉक्स आधारित टेलीफोन एक्सचेंज संचालित किया जा रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम थाना टीम ने तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए जांच शुरू की और सूचना को विकसित किया। जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि उक्त स्थान पर अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल्स को लोकल वॉइस कॉल में परिवर्तित करने का अवैध कार्य किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार इस तरह के अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का उपयोग अंतरराष्ट्रीय कॉल को छिपाकर लोकल कॉल के रूप में प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है, जिससे न केवल भारत सरकार को भारी राजस्व हानि होती है, बल्कि इसका इस्तेमाल साइबर अपराधों को अंजाम देने में भी किया जाता है। यह तकनीक अपराधियों को अपनी पहचान छिपाने और ट्रेसिंग से बचने में मदद करती है, जिससे जांच एजेंसियों के लिए अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता है।छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में उपकरण बरामद किए हैं। इनमें 36 सिम कार्ड, 2 एटीएम कार्ड, 1 डिस्क कार्ड, 10 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप और 2 नोकिया रिमोट रेडियो यूनिट (RRU) शामिल हैं। बरामद उपकरणों से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी संगठित तरीके से इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहे थे और लंबे समय से इस गतिविधि में संलिप्त थे।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़े हुए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध एक्सचेंज के माध्यम से कितने समय से कॉल ट्रैफिक संचालित किया जा रहा था और इससे सरकार को कितनी आर्थिक क्षति पहुंची है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम जनता से भी अपील की गई है कि यदि उनके आसपास इस तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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