मुजफ्फरनगर में शासन के निर्देशों के अनुपालन में विद्युत विभाग और विजिलेंस टीम द्वारा बिजली चोरी रोकने के लिए सघन मॉर्निंग रेड एवं विद्युत चेकिंग अभियान चलाया गया। विद्युत नगरीय वितरण खण्ड (वाणिज्य-2) के सहायक अभियन्ता सतेन्द्र कुमार के नेतृत्व में यह अभियान खालापार और किदवईनगर क्षेत्र में संचालित किया गया। अभियान में विभागीय टीम के साथ विजिलेंस और पुलिस कर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। टीम में अवर अभियन्ता दिलीप यादव, शीशराम, प्रवर्तन दल प्रभारी अमित गोस्वामी, महिला हेड कांस्टेबल मोनिका, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र तथा कांस्टेबल सचिन, रोहित और नवनीत शामिल रहे।
चेकिंग अभियान के दौरान कई स्थानों पर बिजली चोरी के मामले पकड़े गए। जांच में पाया गया कि कुछ उपभोक्ता मीटर के अतिरिक्त अवैध केबिल डालकर सीधे बिजली का उपयोग कर रहे थे। टीम ने ऐसे पांच मामलों का खुलासा किया, जहां मीटर से अलग लाइन जोड़कर अवैध रूप से विद्युत उपभोग किया जा रहा था। इसके अलावा एक अन्य परिसर में मीटर टैम्पर कर बिजली चोरी करने का मामला भी सामने आया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर साक्ष्य एकत्र कर संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
विद्युत विभाग ने बताया कि पकड़े गए सभी मामलों में विद्युत अधिनियम 2003 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ एंटी पावर थेफ्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। विभाग के अनुसार पिछले एक सप्ताह के भीतर लगभग 50 बिजली चोरी के मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। लगातार चल रहे अभियान से बिजली चोरी करने वालों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
अधिकारियों ने आम उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि बिजली चोरी एक दंडनीय अपराध है और इससे न केवल विभाग को आर्थिक नुकसान होता है बल्कि विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित होती है। विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी उपभोक्ता अधिकृत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें। यदि किसी भी क्षेत्र में बिजली चोरी पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभाग द्वारा आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रखे जाएंगे ताकि बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।























































