हरिद्वार जनपद के बहादराबाद टोल प्लाजा पर 21 अगस्त 2025 को उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई जब अपनी मांगों को लेकर देहरादून कूच कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से कई किसान घायल हुए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। किसानों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर राजधानी जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने बिना किसी ठोस कारण के बल प्रयोग किया। इस घटना की निंदा प्रदेशभर में होने लगी और किसानों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश स्तरीय किसान समस्याओं और लाठीचार्ज की घटना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना भुगतान में देरी, न्यूनतम समर्थन मूल्य, बिजली आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था, पशुपालन और अन्य किसान हित से जुड़े मुद्दों को विस्तार से उठाया। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विषयों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि किसानों की समस्याओं का जल्द ही ठोस समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान राज्य की रीढ़ हैं और उनके हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने किसानों पर हुए लाठीचार्ज की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो। उन्होंने साफ कहा कि आंदोलन कर रहे किसानों के साथ संवाद की नीति अपनाई जाएगी, न कि बल प्रयोग की। इस आश्वासन से किसानों ने फिलहाल राहत की सांस ली है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि वादे समय पर पूरे नहीं हुए तो आंदोलन जारी रहेगा। लाठीचार्ज की घटना ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में किसानों के मुद्दों को केंद्र में ला दिया है और सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है कि वह किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान करे।
















