मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में मृत गौ माता के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित स्थान न होने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर गौ सेवा से जुड़े कार्यकर्ता निशु ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए नगर पालिका कार्यालय में अपनी चप्पल उतार दी और घोषणा की कि जब तक मृत गौ माता के अंतिम संस्कार के लिए स्थायी स्थान निर्धारित नहीं किया जाता, तब तक वह चप्पल या जूते नहीं पहनेंगे और नंगे पैर पदयात्रा करते रहेंगे।
गौ सेवक निशु का कहना है कि वह पिछले काफी समय से निराश्रित और बीमार गौ माता की सेवा निस्वार्थ भाव से कर रहे हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है जब किसी गौ माता की मृत्यु हो जाती है, लेकिन नगर पालिका क्षेत्र में उनके अंतिम संस्कार के लिए कोई तय स्थान नहीं होने के कारण गौ सेवकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार घंटों तक मृत गौ माता को लेकर इधर-उधर भटकना पड़ता है, जिससे न केवल भावनात्मक आघात पहुंचता है बल्कि व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गौ संरक्षण और गौ सेवा के लिए सरकार द्वारा बड़े स्तर पर योजनाएं चलाई जा रही हैं और इसके लिए करोड़ों रुपये भी खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन मुजफ्फरनगर नगर पालिका क्षेत्र में मृत गौ माता के अंतिम संस्कार जैसी बुनियादी व्यवस्था का अभाव चिंताजनक है। उनका आरोप है कि कई बार इस समस्या को अधिकारियों के सामने रखा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।
निशु ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नगर क्षेत्र में मृत गौ माता के सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए एक स्थायी स्थान निर्धारित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि जब तक यह व्यवस्था नहीं बनाई जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा और वह नंगे पैर ही पदयात्रा करते हुए प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते रहेंगे।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और गौ सेवा से जुड़े अन्य कार्यकर्ताओं में भी चर्चा का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि गौ माता को हिंदू धर्म में विशेष सम्मान दिया जाता है, ऐसे में उनके अंतिम संस्कार के लिए नगर स्तर पर उचित व्यवस्था होना आवश्यक है। अब देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाता है।
















