1 फरवरी 2026 से सरकार ने सिन गुड्स (Sin Goods) पर टैक्स का पूरा ढांचा बदल दिया है, जिससे कीमतें बढ़ी हैं. लेकिन क्या भाव वाकई इतने बढ़ गए हैं? सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है.सोशल मीडिया पर यह संदेश काफी वायरल हो रहा है कि सिगरेट का पैकेट अब 400 रुपये और पान मसाला अब 200 रुपये का मिलेगा. आइए जानते हैं कि इसमें कितनी सच्चाई है…
सिगरेट की असली कीमतें (आज की स्थिति)
यह सच है कि सरकार ने पुराने 28% GST को बढ़ाकर सीधा 40% GST कर दिया है. इसके अलावा सिगरेट की लंबाई के आधार पर एडिशनल एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है. लेकिन इसके बावजूद सिगरेट के एक पैकेट (10 स्टिक) की कीमत 400 रुपये नहीं हुई है. हालांकि, प्रीमियम ब्रांड्स के 20 स्टिक वाले पैकेट (जैसे Classic Connect) अब 300 रुपये से बढ़कर 350 रुपये के पार पहुंच गए हैं.10 स्टिक वाला सामान्य पैकेट जो पैकेट पहले 170 रुपये का था, वह अब 220 रुपये से 225 रुपये के आसपास मिल रहे हैं. यानी प्रति पैकेट 25 से 55 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है.
पान मसाला और गुटखा की कीमत का नया गणित
पान मसाला पर अब 40% GST के साथ-साथ एक नया हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस लगाया गया है. लेकिन फिर भी 200 की कीमत किसी एक छोटे पाउच की नहीं, बल्कि बल्क पैक या डिब्बे की हो सकती है. इसका एक सबसे बड़ा उदाहरण स्टेलर डिफाइन पान है. 20 पैकेट का एक पैक जिसकी पहले मैक्सिमम रिटेल प्राइस (MRP) 200 रुपये थी, अब 380 रुपये का हो गया है. पान मसाला पर कुल टैक्स भार (GST + सेस) अभी भी लगभग 88% के स्तर पर बना हुआ है. सरकार ने इसे उत्पादन क्षमता (Machine Capacity) के आधार पर वसूलना शुरू किया है ताकि टैक्स चोरी रुके.सरकार ने सिन गुड्स पर GST 28% से बढाकर सीधा 40% कर दिया है. कंपंसेशन सेस खत्म खत्म कर दिया गया है. पुराना सेस खत्म कर उसकी जगह एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और हेल्थ सेस लाया गया है. अब दुकानदार अपनी मर्जी से दाम नहीं बढ़ा पाएंगे. टैक्स अब पैकेट पर छपे RSP (Retail Sale Price) के आधार पर ही कैलकुलेट होगा. यह पिछले 10 सालों की सबसे बड़ी टैक्स बढ़ोतरी है. सरकार का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और तंबाकू के सेवन को हतोत्साहित करना है.















