मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को मजबूत बनाने की पहल के तहत शनिवार को जनपद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बोपाड़ा में “एक वृक्ष मां के नाम” अभियान के अंतर्गत भव्य पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने फीता काटकर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन किया और मेले में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में इनकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने लोगों से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति इस अभियान से जुड़े तो यह एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है, जहां मरीजों को निःशुल्क जांच, उपचार और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि “एक वृक्ष मां के नाम” अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग को जनपद में 36 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों का संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही जरूरी है, ताकि आने वाले समय में ये पौधे बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभा सकें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आमजन से भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें सुरक्षित रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। मेले में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, चिकित्सीय परामर्श दिया गया, आवश्यक दवाओं का निःशुल्क वितरण किया गया तथा विभिन्न जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी लोगों को दी गई, जिससे ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक लाभ उठाया। कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार, डॉ. अवनीश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, आशा, एएनएम, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
















