कांवड़ यात्रा 2025 जैसे–जैसे नजदीक आ रही है, वैसे–वैसे मुजफ्फरनगर में पुलिस और प्रशासनिक तैयारियों ने भी गति पकड़ ली है। यात्रा के दौरान शहर में लाखों की संख्या में कांवड़ियों के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन हर जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने में जुट गया है। इसी क्रम में आज कचहरी स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष तौर पर व्यापारिक वस्तुओं की रेट लिस्ट निर्धारित करने पर चर्चा हुई।इस बैठक की अध्यक्षता सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर और सहायक श्रमायुक्त ने संयुक्त रूप से की। बैठक में शहर के विभिन्न व्यापार मंडलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। व्यापारियों ने इस दौरान रेट लिस्ट से संबंधित अपने–अपने सुझाव और आपत्तियाँ अधिकारियों के समक्ष रखीं। उनका कहना था कि यात्रा के दौरान बढ़ती मांग और लागत के कारण कई बार कीमतों में बदलाव स्वाभाविक होता है, लेकिन प्रशासन की ओर से तय दरों में लचीलापन भी आवश्यक है।अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या मनमाने दामों पर बिक्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तय रेट लिस्ट से ऊपर कोई भी सामान बेचा गया तो संबंधित दुकानदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निगरानी टीमों का गठन किया जाएगा जो नियमित रूप से बाजारों और प्रमुख स्थानों पर निरीक्षण करेंगी। इन टीमों को अधिकार दिया गया है कि वे नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल जुर्माना लगाएं और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई करें।प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा एक धार्मिक और सामाजिक आयोजन है जिसमें दूर–दूर से श्रद्धालु भाग लेते हैं। ऐसे में व्यापारिक वर्ग की जिम्मेदारी है कि वह सेवा भाव से कार्य करे न कि मुनाफाखोरी के उद्देश्य से। इस तरह की सख्ती से जहां आमजन को राहत मिलेगी, वहीं व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो सकेगी। प्रशासन और व्यापारियों के बीच यह समन्वय कांवड़ यात्रा की सफलता और शहर की सकारात्मक छवि के लिए बेहद आवश्यक है।















