भास्कर न्यूज़ उत्तर प्रदेश उत्तराखंड
शामली |पत्रकारों के खिलाफ झूठी तहरीर, मुकदमे, और फर्जी शिकायतों के विरोध में पत्रकारों का आक्रोश फूट पड़ा, जिसके चलते बुधवार को कलेक्ट्रेट में पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन में दर्जनों सामाजिक संगठन, राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि, और आम नागरिक भी शामिल हुए, जिन्होंने पत्रकारों को समर्थन देते हुए उनके उत्पीड़न को बर्दाश्त न करने का संकल्प लिया।
धरने के दौरान पत्रकारों ने प्रशासन के समक्ष कई मुद्दे उठाए। इनमें प्रमुख रूप से थानाभवन के एक हत्या मामले में पत्रकार फ़रमान और उनके भाई के खिलाफ नामजदगी हटाने की मांग, कांधला निवासी पत्रकार फुरकान जंग के खिलाफ झूठी एनसीआर दर्ज कराने का मामला, और एक अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान हुई लापरवाही के बावजूद कार्रवाई न होने के मामले शामिल थे। पत्रकारों ने मांग की कि बिना जांच के पत्रकारों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज न हो और पत्रकारों से जुड़े मामलों का जल्द निस्तारण हो।
धरने के बाद पत्रकारों ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को ज्ञापन के माध्यम से एडीएम शामली संतोष कुमार को सौंपा। एडीएम ने इन मांगों का निस्तारण करने का आश्वासन दिया और कहा कि अस्पताल के खिलाफ चल रही जांच में अनियमितताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लखनऊ में गांधी प्रतिमा पर धरना देंगे।
इस प्रदर्शन को विभिन्न संगठनों और राजनीतिक नेताओं का भी समर्थन मिला, जिसमें कांग्रेस, सपा, भाजपा के प्रतिनिधि और अन्य सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल थे।
















