मुजफ्फरनगर। 13 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित जनपद दौरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का व्यापक और गहन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान दो प्रमुख स्थानों—नुमाइश ग्राउंड और अहिल्याबाई चौक—पर कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिन्हें देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोनों स्थलों के पास सेफ हाउस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नुमाइश ग्राउंड के निकट स्थित संतोष हॉस्पिटल में बनाए गए सेफ हाउस का स्थलीय निरीक्षण किया। यहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, आवश्यक उपकरणों, जीवनरक्षक दवाओं, एंबुलेंस व्यवस्था, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती के साथ ही साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण किया गया। सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्रिय और निर्धारित मानकों के अनुरूप रहें, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल प्रभाव से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अहिल्याबाई चौक के समीप स्थित जिला चिकित्सालय में बनाए गए सेफ हाउस का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने उपलब्ध संसाधनों, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और मरीजों के त्वरित उपचार के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे और सभी व्यवस्थाएं पहले से ही पूरी तरह सुदृढ़ रखी जाएं।
इस दौरान डॉ. सुनील तेवतिया ने जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी सेवाओं को 24 घंटे पूरी सतर्कता के साथ संचालित करने, जीवनरक्षक दवाओं और आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की चिकित्सीय आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पहले से ही दुरुस्त रखी जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं और कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।















