दावोस। वैश्विक मार्केटिंग और मीडिया इंडस्ट्री के दिग्गज सर मार्टिन सोरेल ने हाल ही में दावोस में भारत की तेजी से बदलती आर्थिक और कारोबारी स्थिति पर टिप्पणी की। सोरेल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में अमेरिका की ओर झुकाव के चलते भारत एक प्रमुख रणनीतिक विजेता बनकर उभर रहा है। उनका मानना है कि भारत अब वह स्थान बन गया है, जहां वैश्विक कंपनियाँ अपने निवेश और उत्पादन की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही हैं।उन्होंने यह भी बताया कि चीन से आगे बढ़कर कंपनियाँ भारत की ओर देख रही हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि भारत में आर्थिक गति अभी भी बरकरार है, जबकि अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव और टैरिफ ने वैश्विक सप्लाई चेन को चुनौती दी है। सोरेल ने कहा कि टैरिफ के बावजूद भारत में कारोबार करना अपेक्षाकृत आसान और लाभकारी साबित हो रहा है।
मार्टिन सोरेल ने ‘इंडिया इज ऑन फायर’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए भारत की तेज़ विकास दर और नवाचार क्षमता की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन, बुनियादी ढांचे में सुधार और उद्यमशीलता के अवसर भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहे हैं। इसके अलावा, भारत में युवा और तकनीकी रूप से दक्ष जनसंख्या भी वैश्विक कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बन गई है।उन्होंने यह भी बताया कि कई बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ चीन में उत्पादन घटाकर या टैरिफ की वजह से लागत बढ़ने के कारण भारत में अपने विकल्प तलाश रही हैं। भारत में निवेश बढ़ाने के पीछे सरकार की उदार नीतियाँ, मेक इन इंडिया पहल और आर्थिक सुधारों का बड़ा हाथ है। सोरेल ने कहा कि यह समय भारत के लिए अवसरों का है, लेकिन इस अवसर को संरक्षित करने के लिए नीति स्थिरता और निवेशक-सुलभ माहौल बनाए रखना जरूरी है।
इसके अलावा, सोरेल ने वैश्विक व्यापार के बदलते रुझानों और अमेरिका के आर्थिक झुकाव की वजह से भारत की भूमिका को महत्व देते हुए कहा कि अब भारत वैश्विक कंपनियों के लिए केवल विकल्प नहीं, बल्कि प्राथमिक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के लिए यह सही समय है कि वह तकनीकी निवेश, उत्पादन और वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाए।सर मार्टिन सोरेल के इस बयान से स्पष्ट है कि भारत की आर्थिक संभावनाओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसकी भूमिका अब केवल उभरती नहीं बल्कि निर्णायक बन रही है। वैश्विक कंपनियों की नज़र में भारत अब वह देश बन गया है, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ निवेश और विकास के लिए सबसे आकर्षक विकल्प भी प्रस्तुत करता है।















