मुजफ्फरनगर में “समर्थ उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश 2047” अभियान के अंतर्गत एस.डी. इंजीनियरिंग कॉलेज में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसमें विभिन्न प्रबुद्धजनों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर मंडलायुक्त अटल कुमार राय ने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि विकसित भारत 2047, भारत सरकार का एक महत्त्वाकांक्षी दृष्टिकोण है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के सामूहिक प्रयासों से साकार होगा। इसमें आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय स्थिरता और सुशासन सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि इस विजन का उद्देश्य भारत को विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है। इसके साथ ही सभी नागरिकों को उच्च जीवन स्तर, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएँ उपलब्ध कराना, तकनीकी क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्राप्त करना और पर्यावरणीय संतुलन के साथ सतत विकास सुनिश्चित करना भी प्रमुख लक्ष्य हैं। मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर ने कहा कि सरकार इस अभियान में उत्प्रेरक की भूमिका निभा रही है। मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, क्वांटम मिशन और युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।सेवानिवृत्त आईएएस सी.एस. वर्मा ने कहा कि आज शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के जो बीज बोए जा रहे हैं, वे ही 2047 तक भारत को विश्व गुरु बनाएंगे। उन्होंने जोर दिया कि विकसित भारत वह होगा जहां हर नागरिक को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इसी क्रम में आईपीएस रंजन द्विवेदी ने कहा कि आजादी का अमृतकाल हमें अतीत पर गर्व करने के साथ-साथ भविष्य के लिए महान संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।प्रोफेसर सुनीता शर्मा ने विकसित भारत को परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम बताया, जबकि कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. हंसराज सिंह ने कहा कि 2047 का भारत ऐसा होगा जहां किसान समृद्ध होगा और युवा आत्मनिर्भर। इंजीनियर सलेक चंद ने नागरिक जिम्मेदारी पर बल दिया और कहा कि जब हर नागरिक अधिकार से पहले कर्तव्य को समझेगा, तभी भारत सशक्त बनेगा। शिक्षक राहुल कुशवाहा ने कहा कि भारत की वास्तविक ताकत उसकी युवा शक्ति है और यदि वह अपनी क्षमता पहचान ले तो भारत 2047 से पहले ही विकसित राष्ट्र की श्रेणी में शामिल हो सकता है।राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्य डॉ. विकास कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रत्येक शिक्षक को बच्चों की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने की स्वतंत्रता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2047 तक का भारत केवल डिजिटल नहीं, बल्कि “डिजिटल से ग्लोबल इंडिया” होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञ वंदना गुलिया ने बताया कि एआई के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और भारत तेजी से स्टार्टअप्स और नवाचार का केंद्र बन रहा है। इसी संदर्भ में कॉलेज की छात्राओं श्रेया पराशर और सावनी ने एआई पर अपने विचार प्रस्तुत किए।शिक्षिका सुचित्रा सैनी ने महिलाओं की भूमिका पर बल दिया, वहीं राज्य पुरस्कार प्राप्त कंचन प्रभा शुक्ला और शिक्षक वशिष्ठ भारद्वाज ने शिक्षा नीति पर विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडलायुक्त अटल कुमार राय ने की और संचालन डॉ. विकास कुमार ने किया। इस आयोजन में आशीष द्विवेदी, रणबीर सिंह, दीपक गर्ग और चंद्रमोहन शर्मा का सहयोग रहा। यह कार्यक्रम न केवल विकसित भारत 2047 के विजन को स्पष्ट करता है बल्कि युवाओं, शिक्षकों और समाज के हर वर्ग को इसमें अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा भी देता है।















