रामपुर में मतदाताओं ने उठाया रोजगार का मुद्दा, चाय पर चर्चा में कहा- क्षेत्र का हो विकास

लोकसभा चुनाव को लेकर सभी लोगों में गहमागहमी है। इसी कड़ी में अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ मतदाताओं की नब्ज टटोलने के लिए रामपुर पहुंचा। सुबह चाय पर हुई चर्चा के दौरान मतदाताओं ने अपनी बात खुलकर सामने रखी।
मतदाता अवतार सिंह ने कहा कि रामपुर में युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाता।

अधिकांश युवा बेरोजगार हैं। अच्छी सरकार बनती है तो लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था ठीक है। अब रात को भी महिलाएं खुलेआम घूम रहीं हैं। विकास हुआ लेकिन रोजगार की समस्या है। गरीबों की शादी के लिए सरकार योजना चला रही है।

इसके ऑनलाइन पंजीकरण में दिक्कत आ रही है। उसे दूर करना चाहिए। एक अन्य मतदाता ने कहा कि यहां के स्थानीय उद्योग लगातार खत्म होते जा रहे हैं। सरकार को उसे बढ़ावा देना चाहिए। दल सिंह सैनी ने कहा कि लोगों के पास काम नहीं हैं। अधिकांश ठेले और रिक्शा चलाकर अपना परिवार पाल रहे हैं।उनके लिए रोजी रोटी का पुख्ता इंतजाम करना चाहिए। इसके लिए स्थानीय नेताओं को सोचना चाहिए। जनता को रोजगार मिलना जरूरी है। मोहम्मद रफी गांधी ने कहा नेताओं ने धरना देते हुए स्थानीय उद्योग बंद करवा दिए। इससे रोजगार की समस्या बढ़ गई है। चुनाव में लोगों को इस बारे में भी सोचना चाहिए।

मोहम्मद हसन ने कहा रामपुर में उचित मजदूरी नहीं मिल पाती। यहां रोजगार के साधन होने चाहिए। फैक्टरी बंद होने से लोगों के पास काम नहीं हैं। पार्टी कोई भी जीते रोजगार दे तो अच्छा होगा। आटा और चावल लगातार महंगा होता जा रहा है।

अब्दुल हफीज ने बताया कि 27 साल से मजदूरी कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति वही है। जीवन में कोई बदलाव नहीं आया है। सरकार ऐसी आए तो जो बेहतर रोजगार दे और परिवार आगे बढ़ें।मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि इस सरकार में आवास मिला है लेकिन रोजगार की समस्या ज्यादा है। कानून व्यवस्था ठीक होने के साथ विकास भी हुआ है। बड़े उद्योग बंद होने से रामपुर के युवा बेरोजगार होते चले गए हैं। गरीबों के बारे में सरकार को और ज्यादा काम करना चाहिए।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts