मुजफ्फरनगर जनपद में एग्रीस्टैक योजनांतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को त्वरित गति से पूर्ण कराने के उद्देश्य से जिला स्तर पर गठित इंप्लीमेंटिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन विकास भवन स्थित सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) गजेंद्र कुमार ने की। बैठक में कृषि, राजस्व, उद्यान, गन्ना, पंचायत एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।बैठक को संबोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) द्वारा जानकारी दी गई कि दिनांक 05 जनवरी 2026 से जनपद में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य किसानों की फार्मर रजिस्ट्री को एग्रीस्टैक पोर्टल पर सटीक एवं समयबद्ध तरीके से दर्ज करना है, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से मिल सके।बैठक में सर्वे कार्य के लिए विभिन्न विभागों से कर्मचारियों की तैनाती को लेकर दिशा–निर्देश जारी किए गए। कृषि विभाग एवं पंचायत विभाग से 300, राजस्व विभाग से समस्त तहसीलदारों एवं उपजिलाधिकारियों के माध्यम से 475, उद्यान विभाग से 100 तथा सहकारिता विभाग से 50 कर्मचारियों को सर्वेयर के रूप में चयनित करने के निर्देश दिए गए। इन सभी सर्वेयरों को डिजिटल माध्यम से खेतों और गाटों का सर्वे कर डाटा अपलोड करना होगा।अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी सर्वेयरों को 5 रुपये प्रति गाटा की दर से सर्वे का भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि जिन विभागों में विभागीय कर्मचारियों की संख्या कम है, वे निजी सर्वेयर के रूप में ऐसे बेरोजगार युवाओं का चयन कर सकते हैं, जिन्हें एंड्रॉयड फोन चलाने का ज्ञान हो। निजी सर्वेयरों को भी समान रूप से 5 रुपये प्रति गाटा के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।बैठक में यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि प्रत्येक सर्वेयर प्रतिदिन कम से कम 100 गाटों का सर्वे अनिवार्य रूप से पूरा करे, जिससे निर्धारित समय–सीमा में डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा सके। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए।















