राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल, हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया है कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन की एक कंपनी के दस्तावेजों में खुद को ‘ब्रिटिश नागरिक’ बताया था, जिससे उनकी भारतीय नागरिकता पर सवाल खड़े होते हैं। याचिका में कहा गया है कि यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है। हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब देने को कहा है कि राहुल गांधी अभी भी भारतीय नागरिक हैं या नहीं। अदालत ने केंद्र को चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने इस याचिका को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है और राहुल गांधी की नागरिकता पर किसी प्रकार का संदेह खारिज किया है। मामले की अगली सुनवाई आगामी माह तय की गई है।

SC ने 2019 में इस मामले को कर दिया था खारिज

इसी मुद्दे पर एक जनहित याचिका दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता के आरोपों को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि केवल किसी कंपनी के दस्तावेज में ब्रिटिश नागरिकता का उल्लेख होने से राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक नहीं हो जाते. 2024 और 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में इस मामले पर याचिकाएं दायर की गईं. याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने दावा किया कि उनके पास ब्रिटिश सरकार के दस्तावेज और ईमेल हैं, जो राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता को साबित करते हैं. इसी मामले में सोमवार को सुनवाई हुई.कोर्ट ने गृह मंत्रालय से इस पर स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है और मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी. यह मामला 2019 में तब सुर्खियों में आया जब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि राहुल गांधी ने ब्रिटिश कंपनी बैकऑप्स लिमिटेड के दस्तावेजों में अपनी राष्ट्रीयता ब्रिटिश घोषित की थी.

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