पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव कुणाल घोष, और दो विधायकों—सयंतिका बनर्जी और रैयत हुसैन सरकार—को मानहानि के आरोप में 11-11 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस जून 2024 की एक घटना से संबंधित है, जब इन नेताओं ने राज्यपाल के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक बयान दिए थे। राज्यपाल ने इन बयानों को मानहानिकारक मानते हुए माफी की मांग की है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मई 2024 में हुए उपचुनावों के बाद, नवनिर्वाचित विधायकों सयंतिका बनर्जी और रैयत हुसैन सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष को शपथ दिलाने का अधिकार नहीं दिया, जबकि विधायकों ने राजभवन में शपथ लेने से इनकार कर दिया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजभवन की सुरक्षा को लेकर गंभीर टिप्पणियां की थीं, जिसके परिणामस्वरूप यह मानहानि का मामला सामने आया है।यह पहली बार है जब किसी राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और विधायकों के खिलाफ इस प्रकार का मानहानि का नोटिस जारी किया है। नोटिस में माफी की मांग की गई है, अन्यथा प्रत्येक पर 11 करोड़ रुपये का मानहानि दावा किया जाएगा।















