मुजफ्फरनगर। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, बुढाना में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमल किशोर देशभूषण के निर्देशन तथा सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक अभिनव राज और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव कुमार ने किया।
डॉ. राजीव कुमार ने उपस्थित छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरण गंभीर संकट का सामना कर रहा है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि यदि आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस वनों, वन्यजीवों, जल, वायु, मिट्टी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश देता है। यह दिवस सतत विकास की अवधारणा को मजबूत करते हुए संसाधनों के जिम्मेदार और संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित करता है। साथ ही लोगों को पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने, प्लास्टिक और अन्य प्रदूषणकारी वस्तुओं के उपयोग को कम करने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि लुप्तप्राय वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण, स्वच्छ जल की उपलब्धता, खाद्य सुरक्षा और जलवायु संतुलन बनाए रखने के लिए स्वस्थ पारिस्थितिक तंत्र अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने वर्ष 2030 के वैश्विक जैव विविधता लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और भविष्य में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख का भी निर्णय लिया गया ताकि वे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की वार्डन रश्मि रानी, शिक्षिका पूनम शर्मा, वर्षा तथा शिवराज सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया।























































