पुणे में पानी की टंकी फटने से चार मजदूरों की मौत और सात लोगों के घायल होने की सूचना ने हड़कंप मचा दिया है। तीन दिन पहले बनी टंकी का फटना और उसके कारण पानी का दबाव एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।पुलिस और अन्य अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि मजदूर कहां से आए थे, लेबर कैम्प किसने बनवाया, और लेबर ठेकेदार कौन है। इस तरह की घटनाएं न केवल मानव जीवन को खतरे में डालती हैं, बल्कि निर्माण कार्यों की सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की आवश्यकता को उजागर करती हैं।घायलों के इलाज और मृतकों के परिवारों को सहायता प्रदान करना महत्वपूर्ण है। आशा है कि पुलिस जल्दी ही इस मामले में और जानकारी प्रदान करेगी।भोसरी के सद्गुरुनगर स्थित लेबर कैम्प में एक हजार से अधिक मजदूर रहते हैं. मजदूरों को सुबह जल्दी उठकर काम पर जाना होता है. आज सुबह करीब छह बजे कुछ मजदूर टंकी से पानी लेकर नहा रहे थे. तभी टंकी फट गई और मजदूर उसके नीचे फंस गये. चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस ने जानकारी दी है कि इनमें से दो की हालत गंभीर है.
घटिया सामग्री से बनाई टंकी
स्थानीय लोगों ने बताया- टंकी की दीवार काफी कमजोर थी जो पानी के दबाव को सहन नहीं कर पाई फलस्वरूप दीवार भरभरा कर गिर गई. बिल्डर ने टंकी के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया. इसी वजह से यह हादसा हुआ. पुलिस फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.















