मुज़फ्फरनगर पुरबालियान के किसानों ने चकबंदी में धांधली के आरोप, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन.

मुज़फ्फरनगर। ग्राम पुरबालियान में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों का गुस्सा शुक्रवार को उफान पर दिखाई दिया। गांव के दर्जनों किसान और महिलाएं बिट्टू सिखेड़ा के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और चकबंदी में हो रही अनियमितताओं तथा धांधली का आरोप लगाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि चकबंदी की मौजूदा प्रक्रिया में पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो चुकी है, जिससे गरीब परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।किसानों ने आरोप लगाया कि गांव में चकबंदी कार्य देख रहे कानूनगो सहेंद्र और लेखपाल दबंग व्यक्तियों के दबाव में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, अधिकारियों द्वारा कई किसानों के वास्तविक खेतों को बिना कारण दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे उनकी खेतीबाड़ी प्रभावित होगी। ग्रामीणों का कहना था कि दबंगों की मिलीभगत से अधिकारियों ने मनमाने तरीके से खेतों के नक्शे बदल दिए हैं। किसानों का यह भी आरोप है कि उनसे रिश्वत मांगकर नंबर और स्थान बदलने की कोशिश की जा रही है। गरीब किसान होने की वजह से वे पैसा देने में असमर्थ हैं, जिसके चलते अधिकारी उनसे बदसलूकी कर रहे हैं और धमकाकर उनकी जमीन को गलत स्थान पर दर्शाने का दबाव बना रहे हैं।महिलाओं ने भी बताया कि कई बार आपत्ति दर्ज कराने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। खेतों की अदलाबदली से उनकी रोज़मर्रा की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से जिस भूमि पर वे खेती करते आए हैं, उसे अचानक बदल देना केवल अनुचित है बल्कि किसानों के अधिकारों का खुला उल्लंघन भी है। उन्होंने कहा कि यदि चकबंदी योजनाएं किसानों के हित में ही बनाई जाती हैं तो फिर इस तरह जबरदस्ती और धांधली क्यों की जा रही है?ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी शिकायतों का समाधान जल्द नहीं हुआ और चकबंदी की अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर उग्र धरनाप्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।इस मौके पर देवेंद्र चौहान, चेतन देव आर्य, देव आर्य, उज्ज्वल पंडित, सतपाल, जयपाल, किरण पाल, हरवीर, मामचंद, भोपाल, महेंद्र, सुरेंद्र, वेदपाल, मीनू, ममता, संत्री, प्रेम, रेखा, पुन्नी, विजेंद्र, कामेश, चुन्नी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एकस्वर में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी भूमि से खिलवाड़ नहीं होने देंगे और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेंगे।

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