अलवर जिले की पंचायत समिति उमरेन मुख्यालय पर राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ उपशाखा की नई कार्यकारिणी के चुनाव सम्पन्न हुए। इस अवसर पर चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भीम सिंह को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र चौधरी ने बताया कि चुनाव के परिणामों में अभिषेक शर्मा को अध्यक्ष, गुड्डी तथा कुलदीप को उपाध्यक्ष चुना गया।
कार्यकारिणी के अन्य पदों में मंत्री पद पर विपिन देशवाल, कोषाध्यक्ष रविकांत, सक्रिय सदस्य के रूप में उपेंद्र फौजदार और अभिषेक तिवारी, जिला प्रतिनिधि के रूप में अमित सेन तथा संरक्षक के रूप में कविता सैनी को चुना गया। निर्वाचन प्रक्रिया के बाद सभी निर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत एवं अभिनंदन साफा और माला पहनाकर किया गया।इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी संघ से जुड़े हुए कई पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें जितेंद्र यादव भी शामिल थे। उन्होंने सभी नए निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और संगठन के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई कार्यकारिणी ग्राम विकास अधिकारियों के हितों की रक्षा, उनके अधिकारों की सुरक्षा और समग्र विकास के लिए मिलकर काम करेगी।
चुनाव में प्रतिभागियों ने निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की, और इसका उद्देश्य संगठन के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करना था। इस मौके पर उपस्थित पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यकारिणी का गठन होने के बाद संगठन के विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों को गति मिलेगी, और सभी सदस्यों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए सामूहिक रूप से निर्णय लिए जाएंगे।कार्यक्रम में उमरेन क्षेत्र के ग्राम विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए, जिन्होंने नए पदाधिकारियों को संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए शुभकामनाएं दी। इस चुनाव ने संघ की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक मूल्य को उजागर किया, जिससे संगठन के प्रति सदस्यों का विश्वास और बढ़ा है।
कार्यकारिणी का यह नया गठन न केवल संगठन को नई दिशा देगा, बल्कि ग्रामीण विकास के कार्यों में भी तेजी और प्रभावशीलता लाने में मदद करेगा। आगामी समय में नए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन ग्राम विकास अधिकारियों की समस्याओं और हितों के लिए प्रभावी कदम उठाने की दिशा में काम करेगा।इस प्रकार उमरेन उपशाखा का चुनाव शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ, जो संगठन की मजबूती और लोकतांत्रिक परंपरा को दर्शाता है।















