डिजिटल क्रांति से बदलेगी गांव की तस्वीर

बांदा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल उत्तर प्रदेश के सपने को पंख लगाने के लिए बांदा जिले में डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना (प्रोजेक्ट गंगा) धरातल पर उतरने लगी है। बजट 2026-27 की घोषणा के बाद जिले में न्याय पंचायत स्तर पर डिजिटल उद्यमियों के चयन की प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना से बांदा के गावों में न केवल इंटरनेट की क्रांति आएगी बल्कि स्थानीय युवाओं और विशेषकर महिलाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार भी खुलेंगे।
हिंदुजा ग्रुप और राज्य परिवर्तन आयोग के बीच हुए समझौते के बाद ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुँचाने की कवायद शुरू हो गई है। जिले की न्याय पंचायतों में डिजिटल सेवा प्रदाताओं के चयन के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। ये उद्यमी 3 से 5 गावों के समूहों में नेटवर्क का प्रबंधन करेंगे। वहीं जिलाधिकारी स्तर पर श्मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियानश् जैसी स्वरोजगार योजनाओं की निरंतर समीक्षा की जा रही है ताकि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के ऋण और तकनीकी सहायता मिल सके। योजना के तहत बांदा की बेटियों और बहुओं को 50ः आरक्षण देकर योगी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि डिजिटल क्रांति का नेतृत्व ग्रामीण महिलाएं ही करें। उन्हें अपना सेटअप लगाने के लिए 10 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। इससे बांदा के सुदूर गाँवों की महिलाएं भी अब ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा और टेलीमेडिसिन जैसी सेवाओं की मुख्य केंद्र बनेंगी। इस योजना के क्रियांवयन के बाद बांदा के किसानों और आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। चयनित डिजिटल उद्यमी ई-जिंस और डिजिटल लॉकर जैसी सेवाओं को हर घर तक पहुँचाएंगे

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