कथा में भक्त प्रहलाद व वामन अवतार का वर्णन.

बांदा। पैलानी तहसील अंतर्गत अलोना गाँव में ओम प्रकाश सिंह (लाला) के निज निवास पर ईश्वर की असीम कृपा से चारों धाम पूजा एवं सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। इसके चौथे दिन कथा व्यास आनंद भूषण दीक्षित जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद, वामन अवतार और श्री कृष्ण जन्मोत्सव का वर्णन किया।कथा की शुरुआत जड़ भरत के प्रसंग से हुई। इसमें बताया गया कि सांसारिक वस्तुओं और प्राणियों से अत्यधिक मोह पतन का कारण बनता है। भरत जी का एक हिरण के बच्चे के प्रति मोह उन्हें अगले जन्म में मृग योनि में ले गया था।कथा व्यास श्री दीक्षित ने भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि भगवान नृसिंह ने खंभा फाड़कर प्रकट होकर हिरण्यकश्यप का वध किया और धर्म की स्थापना की।
इसके बाद वामन अवतार की कथा का वर्णन किया गया। इसमें राजा बलि की सत्यनिष्ठा का उल्लेख था। तीन पग भूमि के दान के संकल्प को पूरा करने के लिए भगवान ने दो पग में समस्त लोक नाप लिए। तब राजा बलि ने अपना शीश आगे कर दिया। इसके बाद भगवान ने उन्हें पाताल लोक का राजा बनाया। मान्यता है कि देवशयनी के चार माह (चौमासा) भगवान राजा बलि के पास पाताल में निवास करते हैं। कथा का मुख्य आकर्षण भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव रहा। कंस के कारागार में उनके जन्म, वासुदेव जी द्वारा यमुना पार कर उन्हें गोकुल ले जाने और जेल की बेड़ियाँ टूटने के प्रसंग का वर्णन किया गया। श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। पं. कृष्णदत्त ने श्रीमद् भागवत मूलपाठ एवं पूजा अर्चन किया तथा सुप्रसिद्ध भजन गायक लवलेश द्विवेदी, विनीत त्रिवेदी पैड प्लेयर, तबला वादक शशांक ने भजनों के माध्यम से संपूर्ण पांडाल को भक्तिमय कर दिया।

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