मुजफ्फरनगर जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन मेरठ एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र सहारनपुर के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध रविन्द्र प्रताप सिंह तथा थाना प्रभारी सुल्तान सिंह थाना साइबर क्राइम के कुशल नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम की टीम ने एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के कब्जे से साइबर ठगी में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विकसित ऑनलाइन पोर्टल “प्रतिबिम्ब” पर जनपद मुजफ्फरनगर से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों में बताया गया था कि अज्ञात व्यक्ति फर्जी कॉल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए थाना साइबर क्राइम द्वारा इनकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि धोखाधड़ी की घटनाओं में जिन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का उपयोग किया जा रहा था, वे जनपद मुजफ्फरनगर में ही संचालित हो रहे थे।
साइबर क्राइम पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर गहन जांच की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस टीम ने दिनांक 08 फरवरी 2026 को उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय अभियुक्त के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनका उपयोग फर्जी कॉल करने और साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देने में किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्त ने कई लोगों को ठगी का शिकार बनाने की बात स्वीकार की है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साइबर गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा ठगी से प्राप्त धनराशि कहां-कहां स्थानांतरित की गई। थाना साइबर क्राइम द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत संबंधित पोर्टल या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।















