ओमान की खाड़ी में मर्चेंट जहाज MT सेटेबेलो पर हुए अमेरिकी हमले में मारे गए दो भारतीय नाविकों का पार्थिव शरीर भारत वापस लाए गए हैं. बता दें, अलग-अलग अमेरिकी हमलों में 3 भारतीयों की मौत हुई है. जिसने राजनयिक चिंताएं बढ़ा दी हैं और संघर्ष वाले इलाकों में आम नागरिक जहाजों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं.बुधवार को इस ओमान में भारतीय दूतावास ने कहा, “MT सेटेबेलो पर हुए हमले में दुखद रूप से जान गंवाने वाले आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया के शव भारत वापस लाए गए हैं. इस मुश्किल समय में हमारी गहरी संवेदनाएं उनके परिवारों के साथ हैं.
परिवारों की अनिश्चितता हुई खत्म
मरने वाले नाविकों के शवों को वापस लाए जाने से उनके परिवारों की हफ्तों से चली आ रही अनिश्चितता और दुख का दौर खत्म हो गया है. इनमें हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के 23 साल डेक कैडेट आदित्य शर्मा का परिवार भी शामिल है, जिन्होंने अंतिम संस्कार के लिए आदित्य का शव घर लाने में मदद की सार्वजनिक अपील की थी.शर्मा के पिता राजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और सांसद अनुराग ठाकुर से दखल देने की मांग की थी और साथ ही उस जानलेवा हमले की वजह बनी परिस्थितियों के बारे में साफ जानकारी मांगी थी. परिवार वालों ने बताया था कि आदित्य के जल्द ही घर लौटने की उम्मीद थी और उसने जहाज पर अपना असाइनमेंट सिर्फ एक महीने के लिए बढ़ाया था.
कैसे हुआ था हमला?
यह घटना 10 जून को हुई जब ओमान में सोहार के तट से लगभग 30 नॉटिकल मील दूर, पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर ‘MT सेटेबेलो’ पर अमेरिकी नौसेना ने हमला कर दिया. इस टैंकर पर 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे. भारतीय दूतावास के मुताबिक ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर को तुरंत सूचना दी गई और स्थानीय अधिकारियों ने खोज और बचाव अभियान शुरू किया. इस घटना में 21 भारतीय क्रू सदस्यों को बचा लिया गया और वे सुरक्षित घर लौटने लगे हैं, जबकि तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई.















