मुज़फ्फरनगर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुनील तेवतिया ने अपने कार्यालय परिसर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को “फिट इंडिया मूवमेंट” की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने फिटनेस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत और समृद्ध समाज एवं राष्ट्र के निर्माण की बुनियाद है। उन्होंने सभी को नियमित व्यायाम करने, संतुलित और पौष्टिक आहार लेने, नशामुक्त जीवन जीने तथा छोटी-छोटी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाकर स्वस्थ एवं सक्रिय बने रहने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. तेवतिया ने अपने संबोधन में कहा कि फिटनेस की ओर उठाए गए छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। यदि हर व्यक्ति अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे तो समाज में बीमारियों का बोझ कम होगा और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और सक्रिय मन के साथ व्यक्ति न केवल व्यक्तिगत जीवन में सफल होता है बल्कि देश के विकास में भी अहम भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे फिटनेस को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और इसे दूसरों तक भी प्रेरणा के रूप में पहुंचाएं।
सीएमओ कार्यालय के साथ-साथ जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी “फिट इंडिया मूवमेंट” शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने यह स्वीकार किया कि वे अपने दैनिक जीवन में नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखेंगे।राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. तेवतिया ने कहा कि यह दिन हर वर्ष 29 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिवस हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद की जयंती को समर्पित है। मेजर ध्यानचंद ने अपने अद्भुत खेल कौशल और अनुशासन से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया और उनका योगदान आज भी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके सम्मान में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है ताकि समाज में खेल और फिटनेस के महत्व को बढ़ावा दिया जा सके।
डॉ. तेवतिया ने कहा कि “फिट इंडिया मूवमेंट” का उद्देश्य केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को भी प्रोत्साहित करता है। यदि व्यक्ति खुद को स्वस्थ रखता है तो परिवार, समाज और राष्ट्र सब स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस संकल्प को केवल एक दिन तक सीमित न रखें बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का स्थायी हिस्सा बनाएं।कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों ने यह शपथ ली कि वे अपने स्वास्थ्य और फिटनेस पर पूरा ध्यान देंगे और इस दिशा में समाज को भी जागरूक करेंगे।















