मुजफ्फरनगर। जिले में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 7 मई से जनपद में मकानों की गणना का कार्य शुरू किया जाएगा, जो 21 मई तक लगातार चलेगा। इस दौरान घर-घर जाकर गणना की जाएगी, वहीं नागरिकों को स्वयं जनगणना करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा सके। प्रशासन ने इस कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी तय की है और अलग-अलग तिथियों पर कार्यों का विभाजन किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा है कि जनगणना को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम में न आएं और प्रशासन का पूरा सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य देश की जनसंख्या, आवासीय स्थिति और सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों को एकत्रित करना है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि गणना के दौरान सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़े वास्तविकता के करीब हों और भविष्य की योजनाओं के निर्माण में मदद मिल सके।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना के नाम पर किसी भी व्यक्ति द्वारा बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी। यदि कोई ऐसा करने का प्रयास करता है तो उसे तुरंत प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी और उनका उपयोग केवल सरकारी नीतियों और योजनाओं के निर्माण में ही किया जाएगा।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाएं। जनगणना के आंकड़े ही सरकार को यह तय करने में मदद करते हैं कि किन क्षेत्रों में विकास की अधिक आवश्यकता है और किस प्रकार की योजनाएं लागू की जानी चाहिए। ऐसे में सभी लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है, ताकि जनगणना का कार्य समयबद्ध और सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।























































