मुजफ्फरनगर। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया, जिसमें निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले ऋण स्वीकृति की बेहद धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, लेकिन कुछ बैंकों की उदासीन कार्यशैली के कारण पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक तथा बैंक ऑफ इंडिया की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों और शाखा प्रबंधकों को कड़ी चेतावनी दी कि वे अपने रवैये में तत्काल सुधार लाएं और लंबित आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
बैठक में निर्देश दिए गए कि बैंक अधिकारी विभागीय समन्वय के साथ कार्य करें ताकि पात्र युवाओं को बिना अनावश्यक विलंब के योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और भविष्य में प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। यदि किसी बैंक की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई तो उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन को अवगत कराया जाएगा।समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत एग्री रेंटल सर्विस सेक्टर में उपलब्ध संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकृत संस्था पूजा इंडस्ट्रीज के जोनल हेड ने ट्रैक्टर के साथ थ्रेशर तथा मोबाइल आटा चक्की जैसी परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के युवा कम लागत में अपना व्यवसाय शुरू कर बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने परियोजनाओं की उपयोगिता, वित्तीय मॉडल और रोजगार की संभावनाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विकास खंड अधिकारियों, एडीओ तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक पात्र युवाओं को योजना से जोड़ें, उन्हें आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दें तथा बैंक स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान कराएं। बैठक में सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल कुमार, सभी बीडीओ, एडीओ, जिला समन्वयक तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में योजना की प्रगति तेज करने और अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।























































